बैंक खाते में नहीं है पैसे और काट दिया चेक, जानिये कितनी होगी सजा और जुर्माना Cheque Bounce

Cheque Bounce: आधुनिक वित्तीय व्यवस्था में चेक एक महत्वपूर्ण भुगतान माध्यम है। हालांकि, चेक बाउंस होने पर गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। जब किसी चेक को भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जाता है और खाते में पर्याप्त राशि नहीं होती, तो यह चेक बाउंस हो जाता है। यह स्थिति न केवल वित्तीय असुविधा पैदा करती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी कारण बन सकती है।

चेक बाउंस के प्रमुख कारण

चेक बाउंस के कई कारण हो सकते हैं। सबसे सामान्य कारण खाते में पर्याप्त धनराशि न होना है। इसके अलावा, हस्ताक्षर में विसंगति, गलत तारीख, या अपूर्ण विवरण भी चेक बाउंस का कारण बन सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि चेक बाउंस होने पर तुरंत कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि पहले एक निश्चित समय देकर भुगतान करने का मौका दिया जाता है।

Also Read:
Free Silai Machine Yojana 2025 फ्री सिलाई मशीन के साथ 15 हज़ार मिलना शुरू, आवेदन यहाँ से करें Free Silai Machine Yojana 2025

कानूनी परिणाम और प्रक्रिया

चेक बाउंस होने पर कठोर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाती है। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को एक महीने के भीतर भुगतान करना होता है। यदि इस अवधि में भुगतान नहीं किया जाता, तो लेनदार कानूनी नोटिस भेज सकता है। 15 दिन के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर, परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

दंड और जुर्माना

Also Read:
FASTag New Rule 31 मार्च तक वाहन चालक निपटा लें यह काम, वरना पड़ेगा पछताना FASTag New Rule

चेक बाउंस को एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसके लिए अधिकतम दो साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। चेक जारी करने वाले व्यक्ति को न केवल मूल राशि, बल्कि ब्याज सहित पूरी राशि का भुगतान करना पड़ता है। यह मामला उस थाने में दर्ज किया जाता है जहां चेक जारी करने वाले व्यक्ति का निवास स्थान है।

चेक की वैधता और सावधानियां

किसी भी चेक को तीन महीने के भीतर कैश किया जाना चाहिए। इस अवधि के बाद चेक की वैधता समाप्त हो जाती है। चेक बाउंस होने पर बैंक एक रसीद जारी करता है जिसमें बाउंस होने के कारण का विस्तृत विवरण दिया जाता है। चेक काटते समय पर्याप्त धनराशि, सही हस्ताक्षर और पूर्ण विवरण सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

Also Read:
CIBIL Score लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर होता है बेहद जरूरी, चलिए जाने इसे बेहतर बनाने के 5 आसान टिप्स CIBIL Score

बैंक की भूमिका

बैंक भी चेक बाउंस होने पर पेनल्टी लगाता है। यह पेनल्टी चेक जारी करने वाले व्यक्ति से वसूल की जाती है। बैंक चेक बाउंस की सूचना लेनदार को देता है, जिससे वह आगे की कानूनी कार्रवाई कर सके। यह प्रक्रिया वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने में मदद करती है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है और कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। वित्तीय लेन-देन में जटिल परिस्थितियों के लिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे एक योग्य कानूनी सलाहकार से परामर्श लें।

Also Read:
Home Loan EMI सैलरी के हिसाब से कितना मिल सकता है लोन? जानिए पूरी जानकारी Home Loan EMI

Leave a Comment