DA Hike 2025: भारत सरकार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी कर रही है। लगभग एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर इस बदलाव का इंतजार कर रहे हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति को सीधे प्रभावित करेगा। वर्तमान में, 7वें वेतन आयोग के तहत इस वर्ष में दो बार डीए और महंगाई राहत (डीआर) में संशोधन की योजना है।
वर्तमान डीए की स्थिति
पिछले वर्ष 2024 में सरकार ने डीए में दो बार में कुल 7 प्रतिशत की वृद्धि की थी। वर्तमान में महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत पर पहुंच चुका है और जनवरी 2025 के लिए इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। विभिन्न विशेषज्ञों के अनुसार, डीए में 2 से 4 प्रतिशत के बीच बढ़ोतरी की संभावना है। यदि 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, तो डीए 55 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
वेतन और पेंशन पर प्रभाव
डीए में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन और पेंशन पर पड़ेगा। 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ, न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 18,360 रुपये हो जाएगा। 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर यह 18,540 रुपये और 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर 18,720 रुपये तक पहुंच सकता है। इसी तरह, पेंशनरों को भी समान लाभ मिलने की संभावना है।
भुगतान और एरियर की योजना
सरकार जनवरी 2025 के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ौतरी का ऐलान मार्च के अंत तक कर सकती है। अप्रैल माह में इसे सैलरी में एरियर सहित दिया जा सकता है। आगामी केंद्रीय कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। यदि निर्णय लिया जाता है, तो जनवरी 2025 से डीए लागू किया जा सकता है और बकाया राशि का एरियर भी दिया जा सकता है।
पेंशनरों के लिए राहत
सरकार कर्मचारियों के लिए डीए और पेंशनरों के लिए डीआर में समान रूप से बढ़ौतरी करेगी। 2 प्रतिशत डीआर बढ़ने से न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 13,950 रुपये हो जाएगी। 3 प्रतिशत की बढ़ौतरी पर पेंशन 14,040 रुपये और 4 प्रतिशत पर 14,130 रुपये तक पहुंच सकती है। यह वृद्धि पेंशनरों के लिए राहत का सिद्धांत साबित होगी।
यह डीए हाइक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण राहत लाएगा। मुद्रास्फीति और जीवन की बढ़ती लागत को देखते हुए, यह वृद्धि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में मदद करेगी। लगभग एक करोड़ कर्मचारी और पेंशनर इस बदलाव से लाभान्वित होंगे, जो भारत की अर्थव्यवस्था में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और किसी भी तरह की आधिकारिक सलाह नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञों से परामर्श लें।